बारिश के मौसम में बुखार तथा मलेरिया होने के कारण व इनके उपचार क्या है ?

हमारे देश में वर्षा ऋतु जून से सितंबर महीने तक होती है इस दौरान सभी जगह अच्छी बरसात होती है और कई जगह तो बाढ़ जैसे हालात हो जाते हैं और कई जगह पानी की कमी भी रह जाती है लेकिन जिस जगह पानी अधिक पड़ता है वहां पर बरसात के समय में बीमारियां भी अधिक फैलती है क्योंकि वर्षा के पानी के अंदर फ्लोराइड होता है जिसमे जीव जंतु पनपनते है जिसके अंतर्गत मच्छर कीड़े मकोड़े अधिक पैदा हो जाते हैं और इनके कारण कई बीमारियां भी लोगों को हो जाती है जैसे कि सर्दी जुखाम खांशी बुखार यह साधारण बीमारियां लोगों को चपेट में ले लेती है।
मच्छरों के काटने से होने वाली बीमारियां

सर्दी जुखाम पानी भिगने के कारण भी आपको हो सकती है लेकिन बुखार और मलेरिया जैसी बीमारियां मच्छरों के काटने से होती है जो कि वर्षा ऋतु के पानी में पैदा होते हैं और यह काट लेते हैं तो हमें बीमारियां और बुखार हो जाता है इसलिए हमें चाहिए की वर्षा होने के दौरान हमारे आस पास ऐसा कोई गड्ढा नहीं होना चाहिए जिसके अंदर मच्छर मक्खी पैदा हो सके यानी कि पानी का भराव हो सके ऐसा कुछ आसपास गड्ढा भी रहता है तो उसके अंदर आप  दवाई का छिड़काव कर कर वहां के पैदा होने वाले मक्खी मच्छर को खत्म कर सकते हैं और बीमारियों से सुरक्षित रह सकते हैं अब बात आती है बुखार की  बुखार कई तरह के होते हैं सबसे पहले हम बात करेंगे साधारण बुखार जो कि पानी में भीगने या फिर गलत खान के कारण भी हो जाता है इसे हम आसानी से ठीक कर सकते हैं इसके लिए आप पेरासिटामोल टेबलेट का यूज कर कर बुखार से निजात पा सकते हैं और साथ में आयुर्वेदिक काढ़ा का उपयोग करके भी आप इस बुखार से निजात पा सकते हैं इसके बाद बात करते हैं मलेरिया की मलेरिया क्यों हो जाता है मलेरिया होने का सबसे प्रमुख कारण है या के समय में मच्छर के काट लेने से मलेरिया होता है इस मच्छर का नाम मादा एनाफिलीज मच्छर है। यह नीचे फोटो में बताया अनुसार होता है इसकी पहचान आप इस फोटो को देखकर कर सकते हैं।
female anopheles mosquito

 इस मच्छर के ऊपर हल्के हल्के सफेद धारियां और काली धारियां होती है जो कि रात के समय में ही काटता है इसके काटते ही रोगी को सर्दी जुकाम और बुखार जैसे हालात हो जाते हैं और कुछ समय बाद में आदमी को सर्दी लगने लगती है और बुखार तेज हो जाता है शरीर गर्म हो जाता है जी घबराने लगता है इसलिए मच्छरों से आप हमेशा बचकर रहें विशेषकर रात के समय में आप मच्छरों से सावधान रहें इसके लिए आप अपने घर में कई तरह के ट्रीटमेंट का यूज कर  सकते हैं जैसे कि घर के अंदर ऑल आउट मोटिन गुड नाइट आदि नुक्सो को कमरे में लगाकर आप मच्छरों से बचे रह सकते हैं इसके अलावा आप कपूर को भी घर में जलाकर मच्छरों को भगा सकते हैं और अपने आप को सुरक्षित रख सकते हैं अगर फिर भी आपको मलेरिया हो जाता है तो आपको डॉक्टर को दिखाने की आवश्यकता होती है ।

और साथ में यह भी जानने की आवश्यकता होती है कि आपको मलेरिया ही हुआ है इसके लिए आपको डॉक्टर इंजेक्शन की सलाह देता है मलेरिया के लिए 3 इंजेक्शन दिए जाते हैं  क्लोरोक्वीन दवाई का उपयोग मलेरिया जैसी बीमारी को खत्म करने के लिए बरसों से किया जा रहा है। लैरियैगो 40mg इन्जेक्शन इस इंजेक्शन का उपयोग मलेरिया की रोकथाम के लिए किया जाता है इससे मलेरिया बिल्कुल साफ हो जाता है अगर आप डॉक्टर के पास नहीं जाते हैं और घर पर ही आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट करना चाहते हैं तो आप इस प्रकार से ट्रीटमेंट कर सकते हैं सबसे पहले आप एक कप काली चाय का उपयोग करें उसके अंदर नमक हल्दी और तुलसी के पत्ते  ४ लोंग का एक मिश्रण तैयार करें और इस मिश्रण को आप सोते समय पांच 6 दिन तक पए इससे आपको मलेरिया जैसी बुखार से राहत मिलती है अगर फिर भी आपका मलेरिया नहीं जाता है तो आप डॉक्टर की मदद ले सकते हैं ट्रीटमेंट के दौरान आपको मच्छरों से बहुत ही सावधान रहना होता है ऐसा ना हो आप का ट्रीटमेंट चल रहा हो और मच्छर आपको खा रहे हो तो यह बीमारी जल्दी से ठीक नहीं हो पाती है इसलिए कृपया मच्छरों से सावधान रहें और आसपास पैदा होने वाले मच्छरों को दवाई के छिड़काव से पैदा ना होने दें और बरसात में होने वाली बीमारियों से बचे रहें अगर आपको जानकारी अच्छी लगी तो कमेंट जरुर करें।

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